Parenting · Poems

मेरी परवरिश

नहीं चाहती कभी काँटा कोई तेरे पैरों में चुभे नहीं नहीं है दुआ मेरी सफर में कभी ठोकर तुझे लगे नहीं ये भी दुआ नहीं मांगती कोई आंसू तेरी आँखों से बहे नहीं नहीं चाहती सूरज की तपती धूप धूल भरी आंधियां तुझे मिले नहीं नहीं चाहती हूँ ज़िन्दगी में कभी दुःख, निराशा , हार… Continue reading मेरी परवरिश